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The Faithbook Blog


सोते – उठते नवकार मंत्र का स्मरण क्यों?
सोने से पहले 7 नवकार और उठते ही 8 नवकार मंत्र का स्मरण क्यों करें? क्योंकि सोने से ठीक पहले हम जो भी विचार करते हैं, जो भी Feel करते...

Muni Shri Tripadiratna Vijayji Maharaj Saheb
Sep 4, 20252 min read


3 Gape… तीन जनरेशन...
शुभ परिवर्तन स्वीकार्य है। पतन अस्वीकार्य है। पागलपन स्वीकार करने लायक को अस्वीकार्य मानता है, अस्वीकार्य के लायक चीजों को स्वीकार्य मान...

Panyas Shri Nirmohsundar Vijayji Maharaj Saheb
Aug 29, 20259 min read


पर्युषण पर्व और संवत्सरी महापर्व का सर्वोच्च महत्व क्यों?
Q: पर्युषण पर्व और उसमें संवत्सरी महापर्व का इतना अधिक महत्व क्यों है? A: जैन धर्म की दृष्टि में, संसार का सर्वोत्तम सुख वीतरागता के...

Muni Shri Tripadiratna Vijayji Maharaj Saheb
Aug 17, 20252 min read


कुछ अनकही अनसुनी बातें – 3
( ई.स. 1580 में अहमदाबाद पर सम्राट अकबर का सूबेदार, शहाबखान, शासन कर रहा था।उसी समय शहर में अफवाह फैलाई गई— "बारिश को जैनाचार्य ने बाँध...

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj
Aug 12, 20253 min read


कहानी कुरबानी की - 5
वीर से स्वातंत्र्यवीर 'परमेष्ठीदास’ पत्तों के महल को पवन की एक छोटी-सी लहर भी गिरा सकती है, जबकि पत्थरों के महल को गिराने की ख्वाहिश...

Muniraj Shri Parshwasundar Maharaj Saheb
Aug 5, 20252 min read


कहानी कुरबानी की - 4
जेल में आजादी की आग, जेल में महावीर का राग... जहाँ सहिष्णुता धरती के कण-कण में महकती है,जहाँ साहस हिमालय की ऊँचाइयों को छूता है,जहाँ...

Muni Shri Parshwasundar Vijayji Maharaj Saheb
Jul 31, 20252 min read


कुछ नया हो जाये?
10 फरवरी - 2021 के दिन देश की संसद में भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सभी पक्षों की उपस्थिति में कुछ महत्त्वपूर्ण...

Panyas Shri Nirmohsundar Vijayji Maharaj Saheb
Jul 23, 20259 min read


कुछ अनकही अनसुनी बातें – 2
गतांक में हमने देखा कि जिस व्यक्ति को लोग खूंखार, हिंसक और क्रूर जैसे उपनामों से जानते थे - वही अकबर कैसे दयालु, अहिंसक और परोपकारी...

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj Saheb
Jul 3, 20253 min read


पाप का बाप, कौन? बाप का पाप, क्या?
हेडिंग पढ़कर शायद आपको अजीब लगेगा। प्रथम प्रश्न का उत्तर शायद सभी को पता ही होगा, ‘लोभ’ को पाप का बाप बताया गया है। द्वितीय प्रश्न का...

Panyas Shri Nirmohsundar Vijayji Maharaj Saheb
Jun 18, 20258 min read


महानायक खारवेल Ep. 31
सुबह के खुशनुमा वातावरण में बप्पदेव जब उठा, तब उसने बाजू में देखा कि, खारवेल की शय्या खाली थी। "सुबह-सुबह के समय में कहाँ चला गया...

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj Saheb
Jun 8, 20259 min read


कुछ अनकही अनसुनी बातें – 1
एक सम्राट की वह सच्चाई, जिसे आपने जाना तो सही… पर पहचाना नहीं। आज आपके समक्ष एक ऐसे सम्राट की बात रखने जा रहे हैं, जिसे आप जानते तो हैं,...

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj Saheb
Jun 4, 20253 min read


महानायक खारवेल Ep. 30
"आचार्य! मन में प्रश्न क्यों उठते हैं?” खारवेल ने आचार्य तोषालिपुत्र से प्रश्न किया। वे प्रातःकालीन परिभ्रमण हेतु निकले थे। इस समय...

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj
Jun 1, 20257 min read


अपना जन्म एवं मृत्यु किसके हाथों में?
बेंग्लोर... वी.वी. पुरम्... श्री संभवनाथ जैन मंदिर के आंगन में... स्थित उपाश्रय में एक युवा बहन अपनी बेटी को लेकर मेरे पास आई थी। बेटी...

Panyas Shri Nirmohsundar Vijayji Maharaj Saheb
May 27, 202510 min read


महानायक खारवेल Ep. 29
जंगल के बीच छोटी पहाड़ी का ढ़लान जहाँ से शुरु होता था और सपाट मैदानी प्रदेश जहाँ पूरा होता था, उस जगह पर एक काले पत्थर की उभरकर आयी हुई...

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj Saheb
May 25, 20255 min read


स्व की प्राप्ति से ईश्वर की प्राप्ति
एक संत संपूर्ण भारत में परिभ्रमण कर रहे थे। आध्यात्मिक मार्ग में वे बहुत आगे बढ़ चुके थे। यदि किसी को आध्यात्मिक मार्ग में आगे बढ़ने की...

Panyas Shri Rajsundar Vijayji Maharaj Saheb
May 21, 20254 min read


महानायक खारवेल Ep. 28
[ खारवेल पिता के पैर छूने जा रहा था तभी ही वृद्धराज ने रोक दिया। पिता पुत्र की परीक्षा ले रहे थे। या ऐसा कहो कि आखिरी दाँव खेल रहे थे। पर...

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj Saheb
May 18, 20258 min read


Jainism is the World Best!
विश्व में धर्म और संप्रदाय अनेक हैं, लेकिन सबका लक्ष्य एक ही है –"हमारे धर्म के अनुयायी सदा सुखी रहें" और इसके लिए अच्छे विचार, वाणी और आचरण सिखाना। Vision देना Wisdom देना Morals & Ethics कि Traning देना इन सभी चीजों का जहाँ Presentation होता है, उस Literature को धर्मग्रंथ कहा जाता है। और इन सभी को जो सही प्रकार से आनंदपूर्वक ग्रहण करते हैं और अनुयायियों को सिखाते हैं, उन्हें धर्मगुरु कहा जाता है।एक शोध के अनुसार, वर्तमान में विश्व में लगभग 302 धर्म हैं और 3955 से अधिक संप्र

Muni Shri Tripadiratna Vijayji Maharaj Saheb
May 7, 20254 min read


“शांत रहो, ताकि जैनों की नींद न टूटे...”
कुछ ही दिनों में जिनशासन की स्थापना का पावन दिन आने वाला है। कुछ स्थानों पर इसको लेकर थोड़ी बहुत चहल-पहल दिखाई दे रही है, लेकिन जिस...

Panyas Shri Dhananjay Vijayji Maharaj Saheb
May 2, 20257 min read


कहानी कुरबानी की - 3
श्री डालचंद जैन – स्वतंत्रता में चैन जब हाथों में आज़ादी की मशाल हो और हृदय में स्वतंत्रता की तीव्र ललक हो, तब पराक्रम और साहस का संकल्प...

Muni Shri Parshwasundar Vijayji Maharaj Saheb
Apr 30, 20252 min read


जन्मदिन मनाने का वर्तमान ट्रेण्ड का जन्म कैसे हुआ?
गुजरात के एक शहर में हमारा चातुर्मास था। वहाँ पर स्थित एक कोलेज की यह सत्य घटना है। हृदयविदारक है, फिर भी कहना मेरी मजबूरी है। एक युवा का...

Panyas Shri Nirmohsundar Vijayji Maharaj Saheb
Apr 28, 20258 min read
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