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The Faithbook Blog


पेट है या क़ब्रस्तान?
कुछ अभक्ष्य पदार्थों की सूचि नीचे दी जा रही है। 1. जिलेटीन : यह प्राणियों की हड्डी का पाउडर है। इसका उपयोग जेली, आइस्क्रीम,...
Gachhadhipati Shri Rajendra Suriji Maharaj Saheb
Nov 14, 20244 min read


शराब का नशा अर्थात् मौत का कुँआ
शराब का सेवन एक बार करने के बाद रूकना मुश्कील है। इसका शौक करने जैसा नहीं है, यह मौत का कुँआ है। इसलिए जीवन में पानी आने से पूर्व पाल...
Gachhadhipati Shri Rajendra Suriji Maharaj Saheb
Oct 18, 20243 min read


आइस्क्रीम कितनी Healthy है...?
आइस्क्रीम, बरफ और नमक के संयोग से सांचे यंत्र द्वारा या मटके में हाथ से घुमाकर बनाई जाती है। जिससे... 1) असंख्य पानी के जीव तथा 2) असंख्य...
Gachhadhipati Shri Rajendra Suriji Maharaj Saheb
Jul 12, 20243 min read


खाद्य साम्रगी के साथ जुड़े जैन शब्द से सावधान
बाजार में बिकने वाले खाद्य – पदार्थ आजकल सभी बड़े नगरों में गली - गली और चौराहे - चौराहे पर चाट की दुकाने दिखती है, जिसमें लोग खुशी -...
Gachhadhipati Shri Rajendra Suriji Maharaj Saheb
May 24, 20243 min read


सायं का भोजन कब करना चाहिए ?
प्राकृतिक चिकित्सालय के अग्रणी श्री लुई कुने ने अपनी पुस्तक ‘आकृति से रोग की पहचान’ में संध्याकालीन भोजन के विषय में विचार प्रगट किए है,...
Gachhadhipati Shri Rajendra Suriji Maharaj Saheb
Apr 3, 20245 min read


रोगों का घर : रेफ्रिजरेटर
आजकल रेफ्रिजरेटर फैशन और इज्जत का साधन बन गया है। परन्तु वास्तव में तो यह रोगों का ही घर है। गुजराती साप्ताहिक ‘अभियान’ में डॉ. श्याम...
Gachhadhipati Shri Rajendra Suriji Maharaj Saheb
Apr 19, 20233 min read


अहिंसा से रक्षा और हिंसा से युद्ध
मानव जीवन का उद्देश्य तो अनाहारी पद प्राप्त करने का है। परन्तु यह तब तक नहीं हो सकता, जब तक अधिक अहिंसा का पालन हों। सात्त्विक जीवन जीने...
Gachhadhipati Shri Rajendra Suriji Maharaj Saheb
Apr 19, 20235 min read


आहार की श्रेष्ठता
वनस्पति आहार की श्रेष्ठता मनुष्य के लिए मांसाहार की अपेक्षा अधिक प्राकृतिक आहार है। शाकाहार से सहन शक्ति बढ़ती है। आरोग्य की वृद्धि के...
Gachhadhipati Shri Rajendra Suriji Maharaj Saheb
Apr 19, 20234 min read


मांस का उपयोग किस लिए नहीं?
मांसाहारी और शाकाहारी में अंतर मांसाहारी पशु के लक्षण शाकाहारी मनुष्य के लक्षण 1. दूसरों को फाड़ डालने के लिए टेढ़ेऔर वज्र समान तेज नख।...
Gachhadhipati Shri Rajendra Suriji Maharaj Saheb
Apr 13, 20235 min read
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