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The Faithbook Blog


जैनत्व वेदना… जैनत्व संवेदना… Part 3
अभी कुछ महिनों से युद्धविभिषिका समस्त विश्व को डरा रही है। मीडिया और मन दोनों युद्ध के समाचारों से भरे जा रहे हैं, डरे जा रहे है। हम उन दिनों में अंतरिक्षजी तीर्थ में थे, जब इरान-अमरिक के युद्ध को एक महीना भी पूरा नहीं हुआ था। एक डॉक्टर मेरी सलाह लेने के लिए अंतरिक्षजी आये थे, मैंने बात-बात में उन्हें कहा था कि अब तैयारी कर लो, वर्क फ्रोम होम के दिन वापिस आनेवाले है। मार्च - 21 को कहीं बात को एक महिना मुश्किल से हुआ होगा, और माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्रभाई ने भी अपने उद्

Panyas Shri Nirmohsundar Vijayji Maharaj Saheb
Jul 26 min read


उत्सर्ग-अपवाद
जिनशासन की अप्रतिम विशेषताओं में से एक है - जिनशासन में मार्ग के दो प्रकार बताए गए हैं – उत्सर्ग और अपवाद। कोई विशेष कारण न हो, तब जिसका आचरण करना है, उसे उत्सर्ग कहते हैं। विशेष कारण आने पर जिसका आचरण करना है, उसे अपवाद कहते हैं। उदाहरणों से यह विषय स्पष्ट होगा। साधु-साध्वी भगवंतों के आचरण में उत्सर्ग-अपवाद को समझते हैं - 1.रोज एकासणा करना – एक ही बार गोचरी वापरना, वह उत्सर्ग है। बीमारी हो, वृद्धावस्था हो, विहार-प्रवचन-पठन आदि का कठोर परिश्रम हो, तपस्या का पारणा हो, शरीर कोम

Pujya Panyas Shri Bhavyasundar Vijayji Maharaj
Jun 36 min read


योग्यता के भेद से धर्म का भेद…
जिनशासन की एक अनुपम विशेषता है जीव की योग्यता के अनुसार उसके लिए धर्म बदलता है। करपात्री लब्धि वाले साधु पात्र नहीं रखतें और हाथ में गोचरी वापरते हैं – वह उनके लिए धर्म है। (क्योंकि पात्र रखने से संभावित मूर्छा आदि दोषों से बचाव होता है, और लब्धि होने के कारण हाथ से आहार गिरता नहीं।) ऐसी लब्धि न हो, तो साधु पात्र रखते हैं – वह उसके लिए धर्म है। (क्योंकि अगर पात्र न रखे, तो हाथ से आहार गिर सकता है, लोकनिंदा होती है... और भी कई दोष हैं।) जिन्होंने पर्याप्त शास्त्र-अध्ययन कर लिय

Pujya Panyas Shri Bhavyasundar Vijayji Maharaj
Apr 152 min read


भविष्य का बालक? बालक का भविष्य ? भाग-4
इस एपिसोड में कुछ गंभीर एवं खतरनाक जानकारी पाठकों के साथ सरल शब्दों में शेयर करने की इच्छा है। कभी-कभी आप को सजग करने के लिए रिसर्च के आधार पर भविष्य की जो-जो बातें सुनाई जाती हैं, वह हमेशा सत्य ही हो ऐसा भी नहीं है, लेकिन मेरा कार्य किसी के खौफनाक प्लान को उजागर करना है। कई सारी भविष्य की बातें सही भी निकली हैं, जैसे कि कोविड-वैक्सीन, सोना-चाँदी के बढ़ते दाम, पानी से इस साल आयी आपदाएं… कुछ भविष्यवाणियां अभी सही होती हुई नहीं दिख रही, तो उसमें समय आगे-पीछे हो सकता है, जैसे कि

Panyas Shri Nirmohsundar Vijayji Maharaj Saheb
Feb 1313 min read


मार्गदर्शक गुरु
जिनशासन का गुरुतत्त्व तो अनुपम है ही, साथ ही इसकी एक अद्भुत विशेषता यह भी है कि आत्महित का मार्गदर्शन के लिए जिस गुरु से लेना है, उन्हें सामान्य गुरु से भिन्न करता है। जो साधु आचारों से सम्पन्न हो, वह वंदनीय है, पूजनीय है — इसमें कोई संदेह नहीं। लेकिन आत्महित के मार्गदर्शन के लिए केवल आचारसंपन्नता पर्याप्त नहीं है। दृष्टांत से यह बात समझ में आएगी। यदि कार चलाने के लिए ड्राइवर चाहिए, तो वह सज्जन हो – यह तो ज़रूरी है ही — उस पर विश्वास किया जा सके, चोरी न करे, नशा न करे — यह

Pujya Panyas Shri Bhavyasundar Vijayji Maharaj
Feb 42 min read


गुरुतत्व
जैसे जिनशासन के परमात्मा अद्वितीय हैं, वैसे ही जिनशासन में गुरुतत्त्व भी अनुपम है। अन्य सभी दर्शनों के संन्यास की तुलना में, जिनशासन का संयम विशिष्ट है, दोषों के नाश के लिए सक्षम है। यदि उसका पूरा वर्णन करना हो, तो एक ग्रंथ लिखना पड़ेगा। आइए, कुछ अत्यंत अलग दिखाई देने वाली विशेषताओं को देखें... विहार जैन साधु का कोई भी स्थायी स्थान – मकान, आश्रम, मठ, घर नहीं होता। वे सदैव चलते रहते हैं। इससे स्थान के ममत्व और स्थान से जुड़ी व्यक्तियों के प्रति ममत्व, और उनसे उत्पन्न होने वाले

Pujya Panyas Shri Bhavyasundar Vijayji Maharaj
Jan 72 min read


भविष्य का बालक? बालक का भविष्य? Part - 2
गत एपिसोड में स्कूल की कुछ कमजोर बाजू दिखाई गई थी। इस एपिसोड में स्कूल में पढने वाले, नहीं पढने वाले छोटे और थोड़े बड़े बच्चों पर भी किस प्रकार के आक्रमण हो रहे है, उस की बात करनी है। सन् 2010 से 2025 तक जन्में हुए बच्चों को Gen. Alpha कहा जाता है। अभी-अभी नेपाल में क्रांति करने वाली युवा पीढी को Gen-Z कहा जाता है, जो सन् - 2010 से पहले पैदा हुई है। इस Gen - Alpha को यानी 10 से 15 साल की उम्र तक के बच्चों को आज की भाषा में आइ-पेड बेबी भी कहा जाता है। उन का पसंदीदा खिलौना

Panyas Shri Nirmohsundar Vijayji Maharaj Saheb
Dec 4, 20257 min read


परमात्मा की वीतरागता
अन्य सभी दर्शनों की अपेक्षा, जिनशासन में एक अनुपम विशेषता देखने को मिलती है – जिन्हें परमात्मा माना गया है, उनमें कोई दोष दिखाई नहीं देता। कईं दर्शनों में माने गए ईश्वर का पत्नी-पुत्र आदि परिवार होता है... और इसलिए, उस ईश्वर में "यह मेरी पत्नी है, मेरा पुत्र है..." ऐसा ममत्व, उनके प्रति आसक्ति, मालिकाना भाव (परिग्रह)... उन्हें परेशान करने वालों पर क्रोध, द्वेष... आदि दोष देखे जाते हैं। जिनशासन जिन्हें परमात्मा मानता है, उन्होंने परिवार का त्याग कर के साधना द्वारा अपने दोषों क

Pujya Panyas Shri Bhavyasundar Vijayji Maharaj
Nov 15, 20252 min read


भविष्य का बालक? बालक का भविष्य?
सन् 2025, चेन्नई में मेरा चातुर्मास चल रहा है...। कुछ दिन पहले एक श्राविका बहन वंदन करने के लिए आये थे। उन्होंने जो बात की, वह मुझे चौकाने के लिए काफी थी। उन्हीं के शब्दों में कहूं तो... मेरी बेटी First Standard में पढ़ रही है, कुछ दिन पहले उसे बुखार आया था, तब उस की स्टडी ना रुके इसलिए मैंने जनरल नोलेज (GK) की बुक घर मंगवायी थी। जनरली सारी बुकें तो अपने घर पर ही होती है, लेकिन GK की बुक स्कूलवालों ने घर पर नहीं दी थी, अपने पास ही रखी थी। जब मैंने अपनी बेटी की GK की बुक द

Panyas Shri Nirmohsundar Vijayji Maharaj Saheb
Oct 31, 202510 min read


3 Gape… तीन जनरेशन...
शुभ परिवर्तन स्वीकार्य है। पतन अस्वीकार्य है। पागलपन स्वीकार करने लायक को अस्वीकार्य मानता है, अस्वीकार्य के लायक चीजों को स्वीकार्य मान...

Panyas Shri Nirmohsundar Vijayji Maharaj Saheb
Aug 29, 20259 min read


पर्युषण पर्व और संवत्सरी महापर्व का सर्वोच्च महत्व क्यों?
Q: पर्युषण पर्व और उसमें संवत्सरी महापर्व का इतना अधिक महत्व क्यों है? A: जैन धर्म की दृष्टि में, संसार का सर्वोत्तम सुख वीतरागता के...

Muni Shri Tripadiratna Vijayji Maharaj Saheb
Aug 17, 20252 min read


कुछ अनकही अनसुनी बातें – 3
( ई.स. 1580 में अहमदाबाद पर सम्राट अकबर का सूबेदार, शहाबखान, शासन कर रहा था।उसी समय शहर में अफवाह फैलाई गई— "बारिश को जैनाचार्य ने बाँध...

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj
Aug 12, 20253 min read


कहानी कुरबानी की - 5
वीर से स्वातंत्र्यवीर 'परमेष्ठीदास’ पत्तों के महल को पवन की एक छोटी-सी लहर भी गिरा सकती है, जबकि पत्थरों के महल को गिराने की ख्वाहिश...

Muniraj Shri Parshwasundar Maharaj Saheb
Aug 5, 20252 min read


कहानी कुरबानी की - 4
जेल में आजादी की आग, जेल में महावीर का राग... जहाँ सहिष्णुता धरती के कण-कण में महकती है,जहाँ साहस हिमालय की ऊँचाइयों को छूता है,जहाँ...

Muni Shri Parshwasundar Vijayji Maharaj Saheb
Jul 31, 20252 min read


कुछ नया हो जाये?
10 फरवरी - 2021 के दिन देश की संसद में भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सभी पक्षों की उपस्थिति में कुछ महत्त्वपूर्ण...

Panyas Shri Nirmohsundar Vijayji Maharaj Saheb
Jul 23, 20259 min read


कुछ अनकही अनसुनी बातें – 2
गतांक में हमने देखा कि जिस व्यक्ति को लोग खूंखार, हिंसक और क्रूर जैसे उपनामों से जानते थे - वही अकबर कैसे दयालु, अहिंसक और परोपकारी...

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj Saheb
Jul 3, 20253 min read


पाप का बाप, कौन? बाप का पाप, क्या?
हेडिंग पढ़कर शायद आपको अजीब लगेगा। प्रथम प्रश्न का उत्तर शायद सभी को पता ही होगा, ‘लोभ’ को पाप का बाप बताया गया है। द्वितीय प्रश्न का...

Panyas Shri Nirmohsundar Vijayji Maharaj Saheb
Jun 18, 20258 min read


महानायक खारवेल Ep. 31
सुबह के खुशनुमा वातावरण में बप्पदेव जब उठा, तब उसने बाजू में देखा कि, खारवेल की शय्या खाली थी। "सुबह-सुबह के समय में कहाँ चला गया...

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj Saheb
Jun 8, 20259 min read


कुछ अनकही अनसुनी बातें – 1
एक सम्राट की वह सच्चाई, जिसे आपने जाना तो सही… पर पहचाना नहीं। आज आपके समक्ष एक ऐसे सम्राट की बात रखने जा रहे हैं, जिसे आप जानते तो हैं,...

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj Saheb
Jun 4, 20253 min read


महानायक खारवेल Ep. 30
"आचार्य! मन में प्रश्न क्यों उठते हैं?” खारवेल ने आचार्य तोषालिपुत्र से प्रश्न किया। वे प्रातःकालीन परिभ्रमण हेतु निकले थे। इस समय...

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj
Jun 1, 20257 min read
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