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The Faithbook Blog


सोते – उठते नवकार मंत्र का स्मरण क्यों?
सोने से पहले 7 नवकार और उठते ही 8 नवकार मंत्र का स्मरण क्यों करें? क्योंकि सोने से ठीक पहले हम जो भी विचार करते हैं, जो भी Feel करते...

Muni Shri Tripadiratna Vijayji Maharaj Saheb
Sep 4, 20252 min read


कुछ अनकही अनसुनी बातें – 3
( ई.स. 1580 में अहमदाबाद पर सम्राट अकबर का सूबेदार, शहाबखान, शासन कर रहा था।उसी समय शहर में अफवाह फैलाई गई— "बारिश को जैनाचार्य ने बाँध...

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj
Aug 12, 20253 min read


कहानी कुरबानी की - 4
जेल में आजादी की आग, जेल में महावीर का राग... जहाँ सहिष्णुता धरती के कण-कण में महकती है,जहाँ साहस हिमालय की ऊँचाइयों को छूता है,जहाँ...

Muni Shri Parshwasundar Vijayji Maharaj Saheb
Jul 31, 20252 min read


कुछ अनकही अनसुनी बातें – 2
गतांक में हमने देखा कि जिस व्यक्ति को लोग खूंखार, हिंसक और क्रूर जैसे उपनामों से जानते थे - वही अकबर कैसे दयालु, अहिंसक और परोपकारी...

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj Saheb
Jul 3, 20253 min read


महानायक खारवेल Ep. 31
सुबह के खुशनुमा वातावरण में बप्पदेव जब उठा, तब उसने बाजू में देखा कि, खारवेल की शय्या खाली थी। "सुबह-सुबह के समय में कहाँ चला गया...

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj Saheb
Jun 8, 20259 min read


अपना जन्म एवं मृत्यु किसके हाथों में?
बेंग्लोर... वी.वी. पुरम्... श्री संभवनाथ जैन मंदिर के आंगन में... स्थित उपाश्रय में एक युवा बहन अपनी बेटी को लेकर मेरे पास आई थी। बेटी...

Panyas Shri Nirmohsundar Vijayji Maharaj Saheb
May 27, 202510 min read


महानायक खारवेल Ep. 29
जंगल के बीच छोटी पहाड़ी का ढ़लान जहाँ से शुरु होता था और सपाट मैदानी प्रदेश जहाँ पूरा होता था, उस जगह पर एक काले पत्थर की उभरकर आयी हुई...

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj Saheb
May 25, 20255 min read


स्व की प्राप्ति से ईश्वर की प्राप्ति
एक संत संपूर्ण भारत में परिभ्रमण कर रहे थे। आध्यात्मिक मार्ग में वे बहुत आगे बढ़ चुके थे। यदि किसी को आध्यात्मिक मार्ग में आगे बढ़ने की...

Panyas Shri Rajsundar Vijayji Maharaj Saheb
May 21, 20254 min read


महानायक खारवेल Ep. 28
[ खारवेल पिता के पैर छूने जा रहा था तभी ही वृद्धराज ने रोक दिया। पिता पुत्र की परीक्षा ले रहे थे। या ऐसा कहो कि आखिरी दाँव खेल रहे थे। पर...

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj Saheb
May 18, 20258 min read


Jainism is the World Best!
विश्व में धर्म और संप्रदाय अनेक हैं, लेकिन सबका लक्ष्य एक ही है –"हमारे धर्म के अनुयायी सदा सुखी रहें" और इसके लिए अच्छे विचार, वाणी और आचरण सिखाना। Vision देना Wisdom देना Morals & Ethics कि Traning देना इन सभी चीजों का जहाँ Presentation होता है, उस Literature को धर्मग्रंथ कहा जाता है। और इन सभी को जो सही प्रकार से आनंदपूर्वक ग्रहण करते हैं और अनुयायियों को सिखाते हैं, उन्हें धर्मगुरु कहा जाता है।एक शोध के अनुसार, वर्तमान में विश्व में लगभग 302 धर्म हैं और 3955 से अधिक संप्र

Muni Shri Tripadiratna Vijayji Maharaj Saheb
May 7, 20254 min read


कहानी कुरबानी की - 3
श्री डालचंद जैन – स्वतंत्रता में चैन जब हाथों में आज़ादी की मशाल हो और हृदय में स्वतंत्रता की तीव्र ललक हो, तब पराक्रम और साहस का संकल्प...

Muni Shri Parshwasundar Vijayji Maharaj Saheb
Apr 30, 20252 min read


जन्मदिन मनाने का वर्तमान ट्रेण्ड का जन्म कैसे हुआ?
गुजरात के एक शहर में हमारा चातुर्मास था। वहाँ पर स्थित एक कोलेज की यह सत्य घटना है। हृदयविदारक है, फिर भी कहना मेरी मजबूरी है। एक युवा का...

Panyas Shri Nirmohsundar Vijayji Maharaj Saheb
Apr 28, 20258 min read


Why Religion?
जीवन में धर्म क्यों? धर्म का एकमात्र उद्देश्य है सुख! सुखी होने के लिए ही धर्म करना है, बाकी अगर धर्म से कभी भी सुख नहीं मिलने वाला हो,...

Muni Shri Tripadiratna Vijayji Maharaj Saheb
Apr 3, 20253 min read


महानायक खारवेल Ep. 27
अपने गुप्त खंड में जब वृद्धराज पिताश्री क्षेमराज के आदमकद चित्र के सन्मुख खड़े-खड़े किसी गंभीर विचारधारा में डूबे हुए थे। तब ढ़लती दोपहर...

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj Saheb
Mar 30, 20257 min read


जिनशासन के लिए वायु बनो
छगन को उसके सेठ ने कड़ी डांट लगाते हुए कहा, "मैं तुझे कब से बुला रहा हूँ! तू कहाँ था?" छगन ने शांत स्वर में उत्तर दिया, "मैं कहीं इधर-उधर...

Priyam
Mar 28, 20253 min read


मासूम सवाल, मजेदार जवाब
दिल्ली – 2020 – फरवरी का महिना – गुजरात विहार जैन संघ में मेरी शिविर थी। ‘Picture of the Picture’ Topic पर मेरा प्रवचन था। उस प्रवचन...

Panyas Shri Nirmohsundar Vijayji Maharaj Saheb
Mar 26, 20258 min read


सम्राट अशोक जैन था कि बौद्ध?
भावेश राजपूत को मैंने कहा, “मुझे तो कोई सच्चा जिज्ञासु मिल जाए, तो मैं अपने ज्ञान की धारा उस पर बरसा दूँ।” और हुआ भी ऐसा। केवल 40 मिनट का...

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj
Mar 18, 20254 min read


दृष्टाभाव की पराकाष्ठा!
संत कबीर... अपनी आध्यात्मिक निष्ठा के कारण उस समय सर्वत्र प्रसिद्ध हो गए थे। लेकिन इतनी प्रसिद्धि के कारण गाँव के पंडित बहुत ही दुःखी हो...

Panyas Shri Rajsundar Vijayji Maharaj Saheb
Mar 13, 20253 min read


बड़ा रूप दे दो
चिंटू: “पिंटू! लोगों का ध्यान खींचने के लिए क्या करना चाहिए?” पिंटू: “किसी भी छोटी सी बात को बड़ा स्वरूप दे दो!” इतने में नौकर चाय लेकर...

Aacharya Shri Ajitshekhar Suriji Maharaj Saheb
Mar 5, 20252 min read


महानायक खारवेल Ep. 26
"उत्सव के आने पर जिस तरह प्रजाजनों की भावनाएँ उमड़कर बाहर आती है, वैसे ही आज मेरी संवेदनाएँ छलक उठी है मेरे स्वामी! चंद्र के दर्शन से...

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj Saheb
Mar 2, 20256 min read
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