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The Faithbook Blog


अभी भी सोना है? तो बाद में रोना है...
यहाँ पर कुछ घटनाएँ एवं उन घटनाओं के घटित होने का समय बताया जा रहा है। इन घटनाओं का निष्कर्ष एवं भविष्य की संभावनाएँ भी साथ में प्रकाशित कर रहे हैं। 1. दिसंबर 2024: छत्तीसगढ़- रायपुर, लाभांडी स्थित दिगंबर जैन मंदिर में से चोर लोग, भगवान की मूर्ति छोड़कर बहुत सारा कीमती सामान चुराकर ले गए - गहने, भंडार (दानपेटी) इत्यादि। 2. अगस्त 2025 राजस्थान- अलवर, जैन मंदिर में से चाँदी के छत्र, अन्य कीमती सामान तथा लाखों रुपयों की संपदा चोर चुराकर ले गए। ये वही मंदिर है जहाँ से पहले भी अ
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Mar 1912 min read


अति सूक्ष्म आचार-निरूपण
प्रभु के शासन में आचारों का जो अति-सूक्ष्म निरूपण है, वह रोमांच खड़ा कर देने वाला है। साधु भगवंत को विहार करना होता है, उसकी विधि शास्त्र में बताई गई है। उसमें कितना सूक्ष्मताभरा निरूपण है ! देखिए एक रास्ता पत्थरोंवाला हो, दूसरा रास्ता धूलवाला हो... तो किस रास्ते पर जाना चाहिए ? एक रास्ते पर पानी हो, दूसरे रास्ते पर घास हो... तो किस रास्ते पर जाना चाहिए ? ऐसे ढेर सारे विकल्प दिखाकर, उनमें से किस रास्ते पर जाना चाहिए – वह बताया गया है। विहार कब (किस समय) करना चाहिए ? कौनसे संय
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Mar 122 min read


धार्मिक प्रसंगों में आडंबर पर Control क्यों नहीं ?
प्रश्न: जब विवाह जैसे सांसारिक प्रसंगों को सादगी से मनाने की प्रेरणा दी जाती है, तो फिर धर्मगुरु धार्मिक प्रसंगों में होने वाले इतने अधिक खर्च और आडंबर पर Control क्यों नहीं रखते? उत्तर: खर्च और आडंबर मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं — 1. व्यक्ति-केन्द्रित 2. भक्ति-केन्द्रित व्यक्तिगत प्रशंसा, किसी साधु-साध्वी या गृहस्थ की वाह-वाह के लिए किया गया खर्च धर्मसम्मत नहीं माना जाता। ऐसी दिखावटी प्रवृत्ति को परमात्मा का शासन कभी स्वीकार नहीं करता। लेकिन जो खर्च या आयोजन जैन-अजैन भ
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Feb 183 min read


चरण-स्पर्श का महत्व
भारतीय परंपरा में ‘चरण-स्पर्श’ का इतना गहरा महत्व क्यों है? चाहे परमात्मा हों, सद्गुरु हों,या माता-पिता जैसे हमारे बुज़ुर्ग हों — सबके ‘चरण-स्पर्श’ का उल्लेख हमारे कल्चर में बार-बार आता है। दिवाली जैसे पर्वों पर माता-पिता के चरण स्पर्श कर उनके आशीर्वाद लेने की परंपरा होती है... अंजनशलाका जैसे मंगल विधानों में “अनंत गुरुपादुकेभ्यो नमः” के माध्यम से सद्गुरु के ‘चरण-वंदन’ की ही बात आती है... जब हम शत्रुंजय जाते हैं — पाँच चैत्यवंदन करते हैं, दादा आदिनाथ का चैत्यवंदन करते हैं, फ
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Nov 18, 20252 min read


गुणपूजा - व्यक्तिपूजा नहीं
जिनशासन की एक अद्भुत विशेषता है - जिनशासन गुण को महान मानता है, व्यक्ति को नहीं। व्यक्ति की महानता भी गुण के कारण ही होती है। इस विषय को...
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Oct 1, 20253 min read


कहानी कुरबानी की - 6
दलीचंद जैन की दिलचस्प कहानी जब स्वतंत्रता की लालसा अपनी चरम सीमा पर पहुँचती है, तब अवरोध, उपेक्षा और पीड़ा का कोई मोल नहीं रह जाता।...
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Sep 24, 20252 min read


कुछ अनकही अनसुनी बातें – 2
गतांक में हमने देखा कि जिस व्यक्ति को लोग खूंखार, हिंसक और क्रूर जैसे उपनामों से जानते थे - वही अकबर कैसे दयालु, अहिंसक और परोपकारी...
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Jul 3, 20253 min read


महानायक खारवेल Ep. 31
सुबह के खुशनुमा वातावरण में बप्पदेव जब उठा, तब उसने बाजू में देखा कि, खारवेल की शय्या खाली थी। "सुबह-सुबह के समय में कहाँ चला गया...
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Jun 8, 20259 min read


महानायक खारवेल Ep. 29
जंगल के बीच छोटी पहाड़ी का ढ़लान जहाँ से शुरु होता था और सपाट मैदानी प्रदेश जहाँ पूरा होता था, उस जगह पर एक काले पत्थर की उभरकर आयी हुई...
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May 25, 20255 min read


स्व की प्राप्ति से ईश्वर की प्राप्ति
एक संत संपूर्ण भारत में परिभ्रमण कर रहे थे। आध्यात्मिक मार्ग में वे बहुत आगे बढ़ चुके थे। यदि किसी को आध्यात्मिक मार्ग में आगे बढ़ने की...
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May 21, 20254 min read


महानायक खारवेल Ep. 28
[ खारवेल पिता के पैर छूने जा रहा था तभी ही वृद्धराज ने रोक दिया। पिता पुत्र की परीक्षा ले रहे थे। या ऐसा कहो कि आखिरी दाँव खेल रहे थे। पर...
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May 18, 20258 min read


पर से मुक्त होने की कला
बोकोजु... ज़ेन परंपरा के महान संत। वे गुफाओं में रहकर ध्यान साधना करते थे। कभी-कभी वे अपने शिष्यों के साथ भी रहते, और जब-जब वे शिष्य समूह...
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Apr 9, 20252 min read


दृष्टाभाव की पराकाष्ठा!
संत कबीर... अपनी आध्यात्मिक निष्ठा के कारण उस समय सर्वत्र प्रसिद्ध हो गए थे। लेकिन इतनी प्रसिद्धि के कारण गाँव के पंडित बहुत ही दुःखी हो...
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Mar 13, 20253 min read


बड़ा रूप दे दो
चिंटू: “पिंटू! लोगों का ध्यान खींचने के लिए क्या करना चाहिए?” पिंटू: “किसी भी छोटी सी बात को बड़ा स्वरूप दे दो!” इतने में नौकर चाय लेकर...
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Mar 5, 20252 min read


महानायक खारवेल Ep. 20
( युवान तोषालिपुत्र महाराज खेमराय के पराजय की बात सुनते ही वे राजा को मिलने और मनाने के लिए आए थे। उन्होंने एक नक्शा दिखाकर राजा को बहुत...
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Jan 2, 20259 min read


केस रामायण-महाभारत का
छगन वकील को मगन ने पूछा, “रामायण-महाभारत के बारे में क्या जानते हो?” छगन: “महाभारत में लैंड डिस्प्यूट का मामला था, सिविल केस था। रामायण...
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Dec 3, 20242 min read


महानायक खारवेल Ep. 14
आज का वसंतोत्सव फीका साबित होने वाला है। बप्पदेव सोच रहा था। बप्पदेव महाराज वृद्धराज के प्रधान सेनापति वप्रदेव का पुत्र था। उसकी और...
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Nov 17, 20245 min read


Mahanayak Kharvel Ep. 14
"Today's Spring Festival is going to turn out dull," thought Bappadev. Bappadev was the son of the chief commander Vapradev, who served...
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Nov 17, 20245 min read


पेट है या क़ब्रस्तान?
कुछ अभक्ष्य पदार्थों की सूचि नीचे दी जा रही है। 1. जिलेटीन : यह प्राणियों की हड्डी का पाउडर है। इसका उपयोग जेली, आइस्क्रीम,...
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Nov 14, 20244 min read


महानायक खारवेल Ep. 13
कलिंग जनपद की राजधानी तोसाली नगरी उत्सव में मग्न बन गई थी। यद्यपि एक जमाने में जिस प्रकार से महोत्सव मनाये जाते थे, वैसे तो कई बरसों से...
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Nov 11, 20244 min read
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