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The Faithbook Blog


चरण-स्पर्श का महत्व
भारतीय परंपरा में ‘चरण-स्पर्श’ का इतना गहरा महत्व क्यों है? चाहे परमात्मा हों, सद्गुरु हों,या माता-पिता जैसे हमारे बुज़ुर्ग हों — सबके ‘चरण-स्पर्श’ का उल्लेख हमारे कल्चर में बार-बार आता है। दिवाली जैसे पर्वों पर माता-पिता के चरण स्पर्श कर उनके आशीर्वाद लेने की परंपरा होती है... अंजनशलाका जैसे मंगल विधानों में “अनंत गुरुपादुकेभ्यो नमः” के माध्यम से सद्गुरु के ‘चरण-वंदन’ की ही बात आती है... जब हम शत्रुंजय जाते हैं — पाँच चैत्यवंदन करते हैं, दादा आदिनाथ का चैत्यवंदन करते हैं, फ

Muni Shri Tripadiratna Vijayji Maharaj Saheb
Nov 18, 20252 min read


3 Gape… तीन जनरेशन...
शुभ परिवर्तन स्वीकार्य है। पतन अस्वीकार्य है। पागलपन स्वीकार करने लायक को अस्वीकार्य मानता है, अस्वीकार्य के लायक चीजों को स्वीकार्य मान...

Panyas Shri Nirmohsundar Vijayji Maharaj Saheb
Aug 29, 20259 min read


कुछ अनकही अनसुनी बातें – 3
( ई.स. 1580 में अहमदाबाद पर सम्राट अकबर का सूबेदार, शहाबखान, शासन कर रहा था।उसी समय शहर में अफवाह फैलाई गई— "बारिश को जैनाचार्य ने बाँध...

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj
Aug 12, 20253 min read


कुछ अनकही अनसुनी बातें – 1
एक सम्राट की वह सच्चाई, जिसे आपने जाना तो सही… पर पहचाना नहीं। आज आपके समक्ष एक ऐसे सम्राट की बात रखने जा रहे हैं, जिसे आप जानते तो हैं,...

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj Saheb
Jun 4, 20253 min read


महानायक खारवेल Ep. 30
"आचार्य! मन में प्रश्न क्यों उठते हैं?” खारवेल ने आचार्य तोषालिपुत्र से प्रश्न किया। वे प्रातःकालीन परिभ्रमण हेतु निकले थे। इस समय...

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj
Jun 1, 20257 min read


अपना जन्म एवं मृत्यु किसके हाथों में?
बेंग्लोर... वी.वी. पुरम्... श्री संभवनाथ जैन मंदिर के आंगन में... स्थित उपाश्रय में एक युवा बहन अपनी बेटी को लेकर मेरे पास आई थी। बेटी...

Panyas Shri Nirmohsundar Vijayji Maharaj Saheb
May 27, 202510 min read


महानायक खारवेल Ep. 29
जंगल के बीच छोटी पहाड़ी का ढ़लान जहाँ से शुरु होता था और सपाट मैदानी प्रदेश जहाँ पूरा होता था, उस जगह पर एक काले पत्थर की उभरकर आयी हुई...

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj Saheb
May 25, 20255 min read


कहानी कुरबानी की - 3
श्री डालचंद जैन – स्वतंत्रता में चैन जब हाथों में आज़ादी की मशाल हो और हृदय में स्वतंत्रता की तीव्र ललक हो, तब पराक्रम और साहस का संकल्प...

Muni Shri Parshwasundar Vijayji Maharaj Saheb
Apr 30, 20252 min read


Why Religion?
जीवन में धर्म क्यों? धर्म का एकमात्र उद्देश्य है सुख! सुखी होने के लिए ही धर्म करना है, बाकी अगर धर्म से कभी भी सुख नहीं मिलने वाला हो,...

Muni Shri Tripadiratna Vijayji Maharaj Saheb
Apr 3, 20253 min read


महानायक खारवेल Ep. 27
अपने गुप्त खंड में जब वृद्धराज पिताश्री क्षेमराज के आदमकद चित्र के सन्मुख खड़े-खड़े किसी गंभीर विचारधारा में डूबे हुए थे। तब ढ़लती दोपहर...

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj Saheb
Mar 30, 20257 min read


दृष्टाभाव की पराकाष्ठा!
संत कबीर... अपनी आध्यात्मिक निष्ठा के कारण उस समय सर्वत्र प्रसिद्ध हो गए थे। लेकिन इतनी प्रसिद्धि के कारण गाँव के पंडित बहुत ही दुःखी हो...

Panyas Shri Rajsundar Vijayji Maharaj Saheb
Mar 13, 20253 min read


बड़ा रूप दे दो
चिंटू: “पिंटू! लोगों का ध्यान खींचने के लिए क्या करना चाहिए?” पिंटू: “किसी भी छोटी सी बात को बड़ा स्वरूप दे दो!” इतने में नौकर चाय लेकर...

Aacharya Shri Ajitshekhar Suriji Maharaj Saheb
Mar 5, 20252 min read


महानायक खारवेल Ep. 26
"उत्सव के आने पर जिस तरह प्रजाजनों की भावनाएँ उमड़कर बाहर आती है, वैसे ही आज मेरी संवेदनाएँ छलक उठी है मेरे स्वामी! चंद्र के दर्शन से...

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj Saheb
Mar 2, 20256 min read


Ambition
एक शिक्षक आदिवासी क्षेत्र की एक स्कूल में नए-नए नियुक्त हुए थे। स्कूल के पहले ही दिन वे कक्षा में पढ़ाने गए। वे सभी विद्यार्थियों से उनका...

Muni Shri Krupashekhar Vijayji Maharaj Saheb
Feb 26, 20253 min read


महानायक खारवेल Ep. 25
"संसार छोड़ना आसान लग रहा है मुनिप्रवर! पर प्रवृत्तिमात्र को त्यागकर ऐसे एकांत में बैठे रहना, नितांत निवृत्ति में मग्न रहना यह कैसे...

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj Saheb
Feb 23, 20254 min read


कहानी कुरबानी की...
शौर्यगाथा ‘स्वदेशी’ की… वतन का कर्ज चुकाने के लिए जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति दे दी…आज़ादी की मशाल को प्रज्वलित रखने के लिए जिन्होंने...

Muniraj Shri Parshwasundar Maharaj Saheb
Feb 20, 20253 min read


महानायक खारवेल Ep. 24
जहाँ, जब, जितने अंश से प्रेमी दिल होते है, वहाँ, तब, उतने अंश में जीवन होता है। प्रेम जीवंतता को प्रदान करता है, बाकी सब मुर्दा होता है।...

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj Saheb
Feb 17, 20256 min read


बिंदुसार का जन्म
“तो क्या महान सम्राट अशोक भी जैन धर्मावलंबी था?” भावेश का यह प्रश्न सुनते ही मैं सोच में पड़ गया। कितना सटीक और प्रासंगिक प्रश्न! उस समय,...

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj
Feb 12, 20252 min read


जिनशासन के लिए आग बनो -
छगन का बेटा रिजल्ट लेकर आया। जैसे ही छगन ने रिजल्ट देखा, उसकी आँखें क्रोध से लाल हो गईं। उसने गुस्से में कहा, “इतने कम नंबर? मन करता है...

Priyam
Feb 6, 20255 min read


दृष्टांत और सिद्धांत
छगन को रिक्शा चलाते देख मगन ने आश्चर्य से पूछा, "अरे छगन! तू रिक्शा चलाने लगा? ऐसा क्यों?" छगन ने उत्तर दिया, "मैंने प्रधानमंत्री का...

Aacharya Shri Ajitshekhar Suriji Maharaj Saheb
Feb 4, 20252 min read
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