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The Faithbook Blog


उत्सर्ग-अपवाद
जिनशासन की अप्रतिम विशेषताओं में से एक है - जिनशासन में मार्ग के दो प्रकार बताए गए हैं – उत्सर्ग और अपवाद। कोई विशेष कारण न हो, तब जिसका आचरण करना है, उसे उत्सर्ग कहते हैं। विशेष कारण आने पर जिसका आचरण करना है, उसे अपवाद कहते हैं। उदाहरणों से यह विषय स्पष्ट होगा। साधु-साध्वी भगवंतों के आचरण में उत्सर्ग-अपवाद को समझते हैं - 1.रोज एकासणा करना – एक ही बार गोचरी वापरना, वह उत्सर्ग है। बीमारी हो, वृद्धावस्था हो, विहार-प्रवचन-पठन आदि का कठोर परिश्रम हो, तपस्या का पारणा हो, शरीर कोम

Pujya Panyas Shri Bhavyasundar Vijayji Maharaj
2 days ago6 min read


जैनत्व वेदना… जैनत्व संवेदना… Part 2
गत प्रकरण में तेलंगाना राज्य में जिज्ञासु एवं भावुक लोगों के द्वारा पूछे गये प्रश्नों की सूचि जारी की थी, अब इस प्रकरण में कुछ अच्छे अनुभव आप से शेयर करना चाहता हूँ। गत प्रकरण में बताया था कि, तेलंगाना राज्य से जब विहार चल रहा था हमारे साथ रहे हुए महात्मा, विहार में स्थान पर पहुँचने में कभी-कभी देर कर देते थे, और जब उसका कारण पता चलता था तो आनंद होता था कि, चलो, अच्छे काम के कारण देरी हो तो अच्छी बात है। अच्छे काम में देरी नहीं होनी चाहिए, लेकिन अच्छे काम के कारण देरी यदि होत

Panyas Shri Nirmohsundar Vijayji Maharaj Saheb
May 278 min read


भविष्य का बालक? बालक का भविष्य ? भाग-4
इस एपिसोड में कुछ गंभीर एवं खतरनाक जानकारी पाठकों के साथ सरल शब्दों में शेयर करने की इच्छा है। कभी-कभी आप को सजग करने के लिए रिसर्च के आधार पर भविष्य की जो-जो बातें सुनाई जाती हैं, वह हमेशा सत्य ही हो ऐसा भी नहीं है, लेकिन मेरा कार्य किसी के खौफनाक प्लान को उजागर करना है। कई सारी भविष्य की बातें सही भी निकली हैं, जैसे कि कोविड-वैक्सीन, सोना-चाँदी के बढ़ते दाम, पानी से इस साल आयी आपदाएं… कुछ भविष्यवाणियां अभी सही होती हुई नहीं दिख रही, तो उसमें समय आगे-पीछे हो सकता है, जैसे कि

Panyas Shri Nirmohsundar Vijayji Maharaj Saheb
Feb 1313 min read


परमात्मा की वीतरागता
अन्य सभी दर्शनों की अपेक्षा, जिनशासन में एक अनुपम विशेषता देखने को मिलती है – जिन्हें परमात्मा माना गया है, उनमें कोई दोष दिखाई नहीं देता। कईं दर्शनों में माने गए ईश्वर का पत्नी-पुत्र आदि परिवार होता है... और इसलिए, उस ईश्वर में "यह मेरी पत्नी है, मेरा पुत्र है..." ऐसा ममत्व, उनके प्रति आसक्ति, मालिकाना भाव (परिग्रह)... उन्हें परेशान करने वालों पर क्रोध, द्वेष... आदि दोष देखे जाते हैं। जिनशासन जिन्हें परमात्मा मानता है, उन्होंने परिवार का त्याग कर के साधना द्वारा अपने दोषों क

Pujya Panyas Shri Bhavyasundar Vijayji Maharaj
Nov 15, 20252 min read


कुछ नया हो जाये?
10 फरवरी - 2021 के दिन देश की संसद में भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सभी पक्षों की उपस्थिति में कुछ महत्त्वपूर्ण...

Panyas Shri Nirmohsundar Vijayji Maharaj Saheb
Jul 23, 20259 min read


“शांत रहो, ताकि जैनों की नींद न टूटे...”
कुछ ही दिनों में जिनशासन की स्थापना का पावन दिन आने वाला है। कुछ स्थानों पर इसको लेकर थोड़ी बहुत चहल-पहल दिखाई दे रही है, लेकिन जिस...

Panyas Shri Dhananjay Vijayji Maharaj Saheb
May 2, 20257 min read


कहानी कुरबानी की -2...
क्रान्तिवीर ‘नरेन्द्र’ शहादत की अमर गाथाओं में, शूरवीरता के श्रेष्ठतम उदाहरणों में, जिन क्रांतिकारियों ने अपने साहस और बलिदान से इतिहास...

Muniraj Shri Parshwasundar Maharaj Saheb
Mar 31, 20253 min read


जिनशासन के लिए वायु बनो
छगन को उसके सेठ ने कड़ी डांट लगाते हुए कहा, "मैं तुझे कब से बुला रहा हूँ! तू कहाँ था?" छगन ने शांत स्वर में उत्तर दिया, "मैं कहीं इधर-उधर...

Priyam
Mar 28, 20253 min read


युवा पीढ़ी धर्म से दूर क्यों हो रही हैं?
"अनंत जन्मों में संचित किए हुए पुण्यों के फलस्वरूप ही हमें ऐसा लोकोत्कृष्ट जिन शासन प्राप्त होता है..." ऐसी अनेक बातें अनेक बार कहने के...

Panyas Shri Dhananjay Vijayji Maharaj
Feb 27, 20254 min read


बिंदुसार का जन्म
“तो क्या महान सम्राट अशोक भी जैन धर्मावलंबी था?” भावेश का यह प्रश्न सुनते ही मैं सोच में पड़ गया। कितना सटीक और प्रासंगिक प्रश्न! उस समय,...

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj
Feb 12, 20252 min read


जिनशासन के लिए पानी बनो
एक बार छगन ने मगन से पूछा, "तेरी उम्र कितनी है?"मगन ने जवाब दिया, "32 साल। "छगन ने चौंकते हुए कहा, "यह तो वही जवाब है जो तूने पाँच साल...

Priyam
Jan 16, 20252 min read


भगवान के प्रति राग या प्रेम?
यह एक बौद्ध साध्वी की बहुत सुंदर घटना है। उस साध्वी के पास गौतम बुद्ध की एक छोटी लेकिन अत्यंत सुंदर स्वर्ण प्रतिमा थी। वह उस प्रतिमा से...

Panyas Shri Rajsundar Vijayji Maharaj Saheb
Jan 10, 20253 min read


इधर-उधर की बातें
विरमगाम से धाकड़ी की ओर विहार कर रहा था। रास्ते में एक नवयुवक मिला, जो इ-स्कूटर चला रहा था। उसने मुझे साथ ले लिया। वह जन्म से राजपूत था...

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj
Dec 19, 20243 min read


जिनशासन तेरे लिये...
छगन बगीचे में अपनी पत्नी के साथ बैठा था। पत्नी को खुश करने के लिए उसने कहा, "तू कहे तो आसमान के तारे भी तोड़ लाऊं।" पत्नी ने मुस्कुराते...

Priyam
Dec 12, 20244 min read


दूसरा रास्ता
एक बहुत ही महत्वाकांक्षी लड़का, उसका नाम अब्दुल था। बचपन से ही उसे हवाई जहाज का बहुत ही शौक था। हवाई जहाज देखते ही वह रोमांचित हो जाता...

Muni Shri Krupashekhar Vijayji Maharaj
Nov 28, 20243 min read


स्वैच्छिक ग़ुलामी
[ आप अपने ही हाथों से अपने हाथों का बाँध लीजिए ] एक बहुत बड़े ज्योतिषि ने आकर राजा को कहा, ‘आप अपने राज्य में घोषणा करवा दीजिए, क्योंकि...

Panyas Shri Nirmohsundar Vijayji Maharaj Saheb
Nov 26, 20248 min read


वर्षीदान का महत्व
चरम तीर्थपति भगवान महावीर का दीक्षा कल्याणक वास्तव में आश्चर्य उत्पन्न करने वाला है। प्रभु के जन्म कल्याणक का वर्णन कई बार और अनेक तरीकों...

Panyas Shri Dhananjay Vijayji Maharaj
Nov 25, 20248 min read


Mahanayak Kharvel Ep. 15
[ Forest dweller Kamru has come to the Kaumudi festival due to the insistence of his beloved Kinkini. And here Manavak starts narrating...

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj Saheb
Nov 24, 20245 min read


Mahanayak Kharvel Ep 10
( Arya Suhastisuriji, while conversing with Emperor Samprati and his sages, says, “Get well, Vatsa! Today I have to tell you and my...

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj Saheb
Oct 2, 20244 min read


धर्म में हमारी प्रगति क्यूं नहीं होती?
करुणा के सागर श्री अरिहंत परमात्मा ने अपने ज्ञान से जगत के जीवों को दुःख से त्रस्त देखकर, दुःख से हमेशा के लिए मुक्त होने का - शाश्वत...

Pujya Panyas Shri Bhavyasundar Vijayji Maharaj
Apr 24, 20243 min read
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