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The Faithbook Blog


मार्गदर्शक गुरु
जिनशासन का गुरुतत्त्व तो अनुपम है ही, साथ ही इसकी एक अद्भुत विशेषता यह भी है कि आत्महित का मार्गदर्शन के लिए जिस गुरु से लेना है, उन्हें सामान्य गुरु से भिन्न करता है। जो साधु आचारों से सम्पन्न हो, वह वंदनीय है, पूजनीय है — इसमें कोई संदेह नहीं। लेकिन आत्महित के मार्गदर्शन के लिए केवल आचारसंपन्नता पर्याप्त नहीं है। दृष्टांत से यह बात समझ में आएगी। यदि कार चलाने के लिए ड्राइवर चाहिए, तो वह सज्जन हो – यह तो ज़रूरी है ही — उस पर विश्वास किया जा सके, चोरी न करे, नशा न करे — यह
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Feb 42 min read


कुछ अनकही अनसुनी बातें – 1
एक सम्राट की वह सच्चाई, जिसे आपने जाना तो सही… पर पहचाना नहीं। आज आपके समक्ष एक ऐसे सम्राट की बात रखने जा रहे हैं, जिसे आप जानते तो हैं,...
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Jun 4, 20253 min read


स्व की प्राप्ति से ईश्वर की प्राप्ति
एक संत संपूर्ण भारत में परिभ्रमण कर रहे थे। आध्यात्मिक मार्ग में वे बहुत आगे बढ़ चुके थे। यदि किसी को आध्यात्मिक मार्ग में आगे बढ़ने की...
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May 21, 20254 min read


“शांत रहो, ताकि जैनों की नींद न टूटे...”
कुछ ही दिनों में जिनशासन की स्थापना का पावन दिन आने वाला है। कुछ स्थानों पर इसको लेकर थोड़ी बहुत चहल-पहल दिखाई दे रही है, लेकिन जिस...
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May 2, 20257 min read


मासूम सवाल, मजेदार जवाब
दिल्ली – 2020 – फरवरी का महिना – गुजरात विहार जैन संघ में मेरी शिविर थी। ‘Picture of the Picture’ Topic पर मेरा प्रवचन था। उस प्रवचन...
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Mar 26, 20258 min read
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