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The Faithbook Blog


निश्चय-व्यवहार
जिनशासन की एक अनुपम विशेषता है – धर्म (या गुण) के निश्चय और व्यवहार, ऐसे दो प्रकार बताए गए हैं। आत्मा में प्रकट होने वाला गुण (या नाश होने वाला दोष) – वह निश्चय है। उसे प्रकट करने के लिए आवश्यक ऐसी बाहरी क्रिया, या यदि गुण प्रकट ही हो, तो उससे स्वाभाविक रूप से बाहर होती हुई क्रिया – वह व्यवहार है। दृष्टांतों से यह विषय स्पष्ट होगा। व्यवहार नय ऐसा कहेगा कि जो साधु का वेश पहनता है, जिसमें साधु के आचारों का पालन दिखता है, वह साधु है। निश्चय नय ऐसा कहेगा कि जिसमें महाव्रतों के पा

Pujya Panyas Shri Bhavyasundar Vijayji Maharaj
May 136 min read


अति सूक्ष्म आचार-निरूपण
प्रभु के शासन में आचारों का जो अति-सूक्ष्म निरूपण है, वह रोमांच खड़ा कर देने वाला है। साधु भगवंत को विहार करना होता है, उसकी विधि शास्त्र में बताई गई है। उसमें कितना सूक्ष्मताभरा निरूपण है ! देखिए एक रास्ता पत्थरोंवाला हो, दूसरा रास्ता धूलवाला हो... तो किस रास्ते पर जाना चाहिए ? एक रास्ते पर पानी हो, दूसरे रास्ते पर घास हो... तो किस रास्ते पर जाना चाहिए ? ऐसे ढेर सारे विकल्प दिखाकर, उनमें से किस रास्ते पर जाना चाहिए – वह बताया गया है। विहार कब (किस समय) करना चाहिए ? कौनसे संय

Pujya Panyas Shri Bhavyasundar Vijayji Maharaj
Mar 122 min read


गुणपूजा - व्यक्तिपूजा नहीं
जिनशासन की एक अद्भुत विशेषता है - जिनशासन गुण को महान मानता है, व्यक्ति को नहीं। व्यक्ति की महानता भी गुण के कारण ही होती है। इस विषय को...

Pujya Panyas Shri Bhavyasundar Vijayji Maharaj
Oct 1, 20253 min read


महानायक खारवेल Ep. 15
( वनवासी कामरू अपनी प्रेयसी किंकिणी के ज़िद के कारण कौमुदी उत्सव में आया है। और यहाँ पर माणवक हर साल की तरह कथा करने का प्रारंभ करता है।...

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj Saheb
Nov 24, 20246 min read


महायनक खारवेल Ep. 7
सम्राट संप्रति अपने पटमंडप में चिंतनमग्न होकर बैठे थे। उनके हाथ में खारवेल की कटारी थी। बार-बार उस कटारी को हाथ में ऊँची करके गोल-गोल...

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj Saheb
Aug 4, 20246 min read


Mahanayak Kharvel Ep. 6
(Kharavela’s roar echoed through the assembly hall of Pataliputra, for he had vowed to crush the rule of Magadha and liberate Kalinga....

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj Saheb
Jul 28, 20247 min read


अम घर आवत नाथ
किस तरह से करे? यह हमारा प्रश्न है। करना है कि नहीं? यह ज्ञानिऔं का प्रश्न है। यदि करना हो, तो उस करने के रास्ते पर दौड़ना शुरू करो। आत्म...

Priyam
Jul 5, 20241 min read


समाधान की चाबी
पिंटू: “चिंटू! तुझे तो स्वीटी अच्छी लगती थी ना! फिर क्या हुआ?” चिंटू: “मुझे उससे शादी नहीं करनी, वह तो बहरी है।” पिंटू: “बहरी? तुझे कैसे...

Aacharya Shri Ajitshekhar Suriji Maharaj Saheb
Jul 3, 20242 min read
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