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The Faithbook Blog


Jainism is the World Best!
विश्व में धर्म और संप्रदाय अनेक हैं, लेकिन सबका लक्ष्य एक ही है –"हमारे धर्म के अनुयायी सदा सुखी रहें" और इसके लिए अच्छे विचार, वाणी और आचरण सिखाना। Vision देना Wisdom देना Morals & Ethics कि Traning देना इन सभी चीजों का जहाँ Presentation होता है, उस Literature को धर्मग्रंथ कहा जाता है। और इन सभी को जो सही प्रकार से आनंदपूर्वक ग्रहण करते हैं और अनुयायियों को सिखाते हैं, उन्हें धर्मगुरु कहा जाता है।एक शोध के अनुसार, वर्तमान में विश्व में लगभग 302 धर्म हैं और 3955 से अधिक संप्र

Muni Shri Tripadiratna Vijayji Maharaj Saheb
May 7, 20254 min read


Why Religion?
जीवन में धर्म क्यों? धर्म का एकमात्र उद्देश्य है सुख! सुखी होने के लिए ही धर्म करना है, बाकी अगर धर्म से कभी भी सुख नहीं मिलने वाला हो,...

Muni Shri Tripadiratna Vijayji Maharaj Saheb
Apr 3, 20253 min read


Ambition
एक शिक्षक आदिवासी क्षेत्र की एक स्कूल में नए-नए नियुक्त हुए थे। स्कूल के पहले ही दिन वे कक्षा में पढ़ाने गए। वे सभी विद्यार्थियों से उनका...

Muni Shri Krupashekhar Vijayji Maharaj Saheb
Feb 26, 20253 min read


क्या जैनशासन का भविष्य संकट में है?
भारत में धार्मिक जनसंख्या का वितरण: एक विश्लेषण (1950-2015) भारत एक विविधतापूर्ण देश है, जहाँ विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों का संगम होता...

Panyas Shri Dhananjay Vijayji Maharaj Saheb
Jan 31, 20256 min read


धर्म में हमारी प्रगति क्यूं नहीं होती?
करुणा के सागर श्री अरिहंत परमात्मा ने अपने ज्ञान से जगत के जीवों को दुःख से त्रस्त देखकर, दुःख से हमेशा के लिए मुक्त होने का - शाश्वत...

Pujya Panyas Shri Bhavyasundar Vijayji Maharaj
Apr 24, 20243 min read
From the significance of daily rituals to the profound teachings of Jainism,
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