top of page
The Faithbook Blog


मार्गदर्शक गुरु
जिनशासन का गुरुतत्त्व तो अनुपम है ही, साथ ही इसकी एक अद्भुत विशेषता यह भी है कि आत्महित का मार्गदर्शन के लिए जिस गुरु से लेना है, उन्हें सामान्य गुरु से भिन्न करता है। जो साधु आचारों से सम्पन्न हो, वह वंदनीय है, पूजनीय है — इसमें कोई संदेह नहीं। लेकिन आत्महित के मार्गदर्शन के लिए केवल आचारसंपन्नता पर्याप्त नहीं है। दृष्टांत से यह बात समझ में आएगी। यदि कार चलाने के लिए ड्राइवर चाहिए, तो वह सज्जन हो – यह तो ज़रूरी है ही — उस पर विश्वास किया जा सके, चोरी न करे, नशा न करे — यह

Pujya Panyas Shri Bhavyasundar Vijayji Maharaj
Feb 42 min read


कहानी कुरबानी की - 5
वीर से स्वातंत्र्यवीर 'परमेष्ठीदास’ पत्तों के महल को पवन की एक छोटी-सी लहर भी गिरा सकती है, जबकि पत्थरों के महल को गिराने की ख्वाहिश...

Muniraj Shri Parshwasundar Maharaj Saheb
Aug 5, 20252 min read


कहानी कुरबानी की - 4
जेल में आजादी की आग, जेल में महावीर का राग... जहाँ सहिष्णुता धरती के कण-कण में महकती है,जहाँ साहस हिमालय की ऊँचाइयों को छूता है,जहाँ...

Muni Shri Parshwasundar Vijayji Maharaj Saheb
Jul 31, 20252 min read


Divine Court
एक लालची शाहुकार ने अपनी धूर्तता और छल-कपट से एक गरीब विधवा बुढ़िया की जमीन हड़प ली। वह जमीन, जो बुढ़िया के जीवनयापन का एकमात्र सहारा थी,...

Muni Shri Krupashekhar Vijayji Maharaj
Jan 28, 20253 min read
From the significance of daily rituals to the profound teachings of Jainism,
our blogs offer a treasure trove of knowledge
Languages:
Categories:
Top Posts






bottom of page

