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The Faithbook Blog


भविष्य का बालक? बालक का भविष्य ? भाग-4
इस एपिसोड में कुछ गंभीर एवं खतरनाक जानकारी पाठकों के साथ सरल शब्दों में शेयर करने की इच्छा है। कभी-कभी आप को सजग करने के लिए रिसर्च के आधार पर भविष्य की जो-जो बातें सुनाई जाती हैं, वह हमेशा सत्य ही हो ऐसा भी नहीं है, लेकिन मेरा कार्य किसी के खौफनाक प्लान को उजागर करना है। कई सारी भविष्य की बातें सही भी निकली हैं, जैसे कि कोविड-वैक्सीन, सोना-चाँदी के बढ़ते दाम, पानी से इस साल आयी आपदाएं… कुछ भविष्यवाणियां अभी सही होती हुई नहीं दिख रही, तो उसमें समय आगे-पीछे हो सकता है, जैसे कि

Panyas Shri Nirmohsundar Vijayji Maharaj Saheb
Feb 1313 min read


परमात्मा की सर्वज्ञता
जो आत्मा या परलोक का स्वीकार ही नहीं करता, ऐसे विज्ञान के मापदंडों से आत्मा के अस्तित्व पर आधारित धर्म की जांच करना — यह समुद्र को फुटपट्टी से नापने जैसी व्यर्थ चेष्टा है। फिर भी, आज जो बातें वैज्ञानिक संशोधनों से सिद्ध हो रही हैं, वे सैकड़ों वर्ष पूर्व बिना किसी प्रयोग के जिनशासन में बताई गई थीं — यह सत्य हमें चकित कर देनेवाला है। इसलिए, ऐसी कई बाते देखतें हैं। 1. ध्वनि(Sound) की द्रव्य(पुद्गल) रूपता अन्य दर्शनों में ध्वनि को आकाश नामक द्रव्य का गुण माना गया है। जिनशासन न

Pujya Panyas Shri Bhavyasundar Vijayji Maharaj
Dec 16, 20252 min read


भविष्य का बालक? बालक का भविष्य? Part - 2
गत एपिसोड में स्कूल की कुछ कमजोर बाजू दिखाई गई थी। इस एपिसोड में स्कूल में पढने वाले, नहीं पढने वाले छोटे और थोड़े बड़े बच्चों पर भी किस प्रकार के आक्रमण हो रहे है, उस की बात करनी है। सन् 2010 से 2025 तक जन्में हुए बच्चों को Gen. Alpha कहा जाता है। अभी-अभी नेपाल में क्रांति करने वाली युवा पीढी को Gen-Z कहा जाता है, जो सन् - 2010 से पहले पैदा हुई है। इस Gen - Alpha को यानी 10 से 15 साल की उम्र तक के बच्चों को आज की भाषा में आइ-पेड बेबी भी कहा जाता है। उन का पसंदीदा खिलौना

Panyas Shri Nirmohsundar Vijayji Maharaj Saheb
Dec 4, 20257 min read


परमात्मा की वीतरागता
अन्य सभी दर्शनों की अपेक्षा, जिनशासन में एक अनुपम विशेषता देखने को मिलती है – जिन्हें परमात्मा माना गया है, उनमें कोई दोष दिखाई नहीं देता। कईं दर्शनों में माने गए ईश्वर का पत्नी-पुत्र आदि परिवार होता है... और इसलिए, उस ईश्वर में "यह मेरी पत्नी है, मेरा पुत्र है..." ऐसा ममत्व, उनके प्रति आसक्ति, मालिकाना भाव (परिग्रह)... उन्हें परेशान करने वालों पर क्रोध, द्वेष... आदि दोष देखे जाते हैं। जिनशासन जिन्हें परमात्मा मानता है, उन्होंने परिवार का त्याग कर के साधना द्वारा अपने दोषों क

Pujya Panyas Shri Bhavyasundar Vijayji Maharaj
Nov 15, 20252 min read


सोते – उठते नवकार मंत्र का स्मरण क्यों?
सोने से पहले 7 नवकार और उठते ही 8 नवकार मंत्र का स्मरण क्यों करें? क्योंकि सोने से ठीक पहले हम जो भी विचार करते हैं, जो भी Feel करते...

Muni Shri Tripadiratna Vijayji Maharaj Saheb
Sep 4, 20252 min read
From the significance of daily rituals to the profound teachings of Jainism,
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