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The Faithbook Blog


स्व की प्राप्ति से ईश्वर की प्राप्ति
एक संत संपूर्ण भारत में परिभ्रमण कर रहे थे। आध्यात्मिक मार्ग में वे बहुत आगे बढ़ चुके थे। यदि किसी को आध्यात्मिक मार्ग में आगे बढ़ने की...

Panyas Shri Rajsundar Vijayji Maharaj Saheb
May 21, 20254 min read


पर से मुक्त होने की कला
बोकोजु... ज़ेन परंपरा के महान संत। वे गुफाओं में रहकर ध्यान साधना करते थे। कभी-कभी वे अपने शिष्यों के साथ भी रहते, और जब-जब वे शिष्य समूह...

Panyas Shri Rajsundar Vijayji Maharaj Saheb
Apr 9, 20252 min read


दृष्टाभाव की पराकाष्ठा!
संत कबीर... अपनी आध्यात्मिक निष्ठा के कारण उस समय सर्वत्र प्रसिद्ध हो गए थे। लेकिन इतनी प्रसिद्धि के कारण गाँव के पंडित बहुत ही दुःखी हो...

Panyas Shri Rajsundar Vijayji Maharaj Saheb
Mar 13, 20253 min read


संन्यासी जीवन में आनंद क्यों नहीं है?
एक संन्यासी ने बड़ी उम्र में संन्यास स्वीकार किया। संन्यासी जीवन में वर्षों बीत गए, लेकिन अभी तक उन्हें संन्यास का वह अपेक्षित आनंद...

Panyas Shri Rajsundar Vijayji Maharaj Saheb
Feb 14, 20252 min read


भगवान के प्रति राग या प्रेम?
यह एक बौद्ध साध्वी की बहुत सुंदर घटना है। उस साध्वी के पास गौतम बुद्ध की एक छोटी लेकिन अत्यंत सुंदर स्वर्ण प्रतिमा थी। वह उस प्रतिमा से...

Panyas Shri Rajsundar Vijayji Maharaj Saheb
Jan 10, 20253 min read


आत्मा का साक्षात्कार कैसे होता है?
स्वामी अवधूत एक अत्यंत उन्नत संत थे, जो आत्मा की अनुभूति में पारंगत थे। वे निरंतर एक गाँव से दूसरे गाँव की यात्रा करते रहते। एक बार, एक...

Panyas Shri Rajsundar Vijayji Maharaj Saheb
Dec 5, 20243 min read
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