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The Faithbook Blog


विशुद्धि चक्र ध्यान
( क्रमांक 1 से 6 तक मूलाधार चक्र ध्यान के मुताबिक ध्यान करने के पश्चात ) फिर विचार कीजिए कि दूर क्षितिज से गहरे नीले, Grey या Navy Blue...

Panyas Shri Shatrunjay Vijayji Maharaj Saheb
Nov 11, 20205 min read


नमस्कार आणगार को…
नमस्ते मित्रों ! Faithbook के जरिए हम अरिहंत बनने की यात्रा में अग्रसर हो रहे हैं। दुनिया भर की और सभी पदवीयाँ, संपत्ति से, मेहनत से,...

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj Saheb
Nov 11, 20203 min read


जिनशासन को हार्ट-अटैक
बात हृदय की… हृदय में जिनशासन की स्थापना हेतु… जिनशासन के हृदय का परिचय होना आवश्यक है, वह न होने से जिनशासन की उपेक्षा होती है… अवगणना...

Priyam
Nov 11, 20203 min read


जिसको पुष्ट किया, वो ही हमें पीस रहा हैं ।
सुबह पति जब तैयार होकर घर से बहार निकल रहा था, तब अंदर से उनकी श्रीमतीजी (पत्नी) आयी, उनके हाथ में केशर-बादाम-पिस्तावाला दूध रखा और पत्नी...

Muni Shri Krupashekhar Vijayji Maharaj Saheb
Nov 11, 20202 min read


Secret of Work
“सहसा न विदधीत क्रियाम्, अविवेकः परमापदां पदम् । वृणुते हि विमृश्यकारिणं गुणलुब्घा: स्वयमेव सम्पद:।।” छगन : अरे मगन! तुम क्या करते हो?...

Muni Shri Akshaykirti Vijayji Maharaj Saheb
Nov 7, 20203 min read


प्रभु की अंतर्लीन और औचित्यपूर्ण अवस्था
त्रिशला रानी शंकित हो गये, क्योंकि गर्भ का स्पंदन अब बंद हो गया है। जीवन की कल्पना स्पंदन से होती है, जीवन का अनुभव तो निःस्पंद से मिलता...

Panyas Shri Labdhivallabh Vijayji Maharaj Saheb
Nov 2, 20202 min read


दुष्प्रवृत्तियों में हमें बदबू का अहसास क्यों नहीं होता?
एक्स्ट्रा प्लॉट में कचरा एकत्र हो गया हो तो उसकी बुरी असर बंगले पर होती हुई स्पष्ट दिखाई देती है। रोज मिलने वाले दो-चार घण्टे के खाली समय...

Aacharya Shri Abhayshekhar Suriji Maharaj Saheb
Nov 2, 20207 min read


“सोशियल मिडीया पर शासन निंदा”
आज से वर्षों पहले यदि किसी व्यक्ति को विरोध करने का जुनून सवार हो जाता था, तो वह अपनी अन्तर्व्यथा गुमनाम रूप से पत्रिकाएँ छपवाकर उनके...

Panyas Shri Dhananjay Vijayji Maharaj Saheb
Oct 28, 20204 min read


पहचान लो मुझे – मैं हूँ दुर्योधन
कौरव कुल में पहला गर्भ मेरी माता गान्धारी को रहा, किन्तु मैं इतना पापी था कि तीस माह तक प्रसव नहीं हुआ। मेरी माता ने प्रसव हेतु अनेक...

Aacharya Shri Atmadarshan Suriji Maharaj Saheb
Oct 13, 20208 min read


Moon of Jinshasan
We are all on a marvellous journey to become Arihants. An arihant is a soul who has conquered inner passions such as attachment, anger,...

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj Saheb
Oct 1, 20203 min read


देहनिर्माण में दृष्टा भाव
त्रिशला रानी के गर्भ में जो भी घटित हो रहा था, उसे अघटित होकर देख रहे थे प्रभु। विश्व के सर्वश्रेष्ठ परमाणुओं के गठन से शरीर का संपादन...

Panyas Shri Labdhivallabh Vijayji Maharaj Saheb
Sep 25, 20202 min read


पर्युषण के पांच कर्तव्य
“पर्वाणि सन्ति प्रोक्तानि, बहुनि श्री जिनागमे । पर्युषणां समं नान्यत, कर्मणां मर्मभेदकृत् ।।” भूमिका : वर्ष में (साल में) बारह मास होते...

Aacharya Shri Mahabodhi Suriji Maharaj Saheb
Sep 23, 20208 min read


पर्युषण की यादें… कुछ खट्टी… कुछ मीठी….
अरिहंत भगवंत के द्वारा प्राप्त जिनशासन इतना अद्भुत-अनोखा-अप्रतिम है कि जहाँ निरन्तर आत्मा के ध्येय के साथ जुड़े हुए अनेक योग हमें प्राप्त...

Panyas Shri Dhananjay Vijayji Maharaj Saheb
Sep 23, 20205 min read


क्या पर्युषण ( जैन पर्व ) आपसे प्रसन्न है ?
कुछ दिन पूर्व सुप्रीम कोर्ट में एक किस्सा पहुंचा था । झारखंड के वैद्यनाथ मंदिर के दर्शन खोलने हेतु अधिवक्ता ने सुंदर दलील पेश की थी।...

Panyas Shri Nirmohsundar Vijayji Maharaj Saheb
Sep 23, 20205 min read


क्षमा… एक अपरिचित सफर…
आज 5 अगस्त का दिन… आज क्षमामंदिर का भूमिपूजन करना है। कल की ही बात है। एक भाई ज़ोर ज़ोर से फ़ोन पर किसी को आदेश दे रहे थे। अपनी भडास...

Panyas Shri Nirmohsundar Vijayji Maharaj Saheb
Sep 23, 20206 min read


अमीर महान या सज्जन ?
एक बार चार युवक महान फिलोसोफर सॉक्रेटिस से मिलने गए। उनके साथ थोड़ी बात करने के बाद सॉक्रेटिस ने उनको पूछा : आपको भविष्य में क्या बनने की...

Muni Shri Krupashekhar Vijayji Maharaj Saheb
Sep 23, 20202 min read


संवत्सरी प्रतिक्रमण – भाव प्रतिक्रमण
एक महिला टैक्सी में बैठी, ड्राइवर को गंतव्य स्थान बताया, टैक्सी उस स्थान पर पहुँची तो महिला ने किराया पूछा। टैक्सी वाला बोला, ‘50 रूपया’।...

Muni Shri Krupashekhar Vijayji Maharaj Saheb
Sep 23, 20204 min read


अनुमोदना का अपूर्व अवसर
उच्च शिखरों से सुशोभित मंदिरों के दर्शन से हमारी आत्मा को अतीव आनंद की अनुभूति होती है। परंतु, यह आनन्द उन शिलाओं का आभारी है, जिन्होंने...
Sanjay Bhai Vakhariya
Sep 23, 20202 min read


राज का राज़
एक विदेशी पुस्तक है – अ कल्चरल हिस्ट्री ऑफ वेजिटेरियन्स फ्रोम ई.स. 1600 टु मोडर्न टाइम्स । इस में लिखा है कि औरंगज़ेब चुस्त शाकाहारी था ।...

Priyam
Sep 23, 20202 min read


जिनशासन के चंद्र
अरिहंत बनने की मार्वेलस जर्नी पर हम नीकले है। हमारा छठा पड़ाव है उपाध्याय पद। उपाध्याय भगवंत यानी ऐसे प्रज्ञावान साधु भगवंत जो आगमों के...

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj Saheb
Sep 23, 20203 min read
From the significance of daily rituals to the profound teachings of Jainism,
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