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The Faithbook Blog


मैं राजनीतिज्ञ कृष्ण
मैं कृष्ण हूँ। मैं महाभारत के युद्ध का महासूत्रधार था, रामायण के राम की तरह ही उस समय मैंने सबसे सफल योद्धा के रूप में काम किया। परंतु...

Aacharya Shri Atmadarshan Suriji Maharaj Saheb
Apr 11, 20215 min read


जीवन की बारहखड़ी
पिछले लेख में हम अनीति को टालने की बातों के बारे में सोच रहे थे। अनीति के विषय में एक अन्यधर्मी मेगेज़ीन में पढ़ी हुई कथा याद आ रही है।...

Aacharya Shri Abhayshekhar Suriji Maharaj Saheb
Apr 11, 20217 min read


Temper : A Terror – 9
( राजकुमारी रत्नमंजरी के हाथों में पत्र सौंपकर मित्रानंद पुनः वेश्या के घर लौट आया और तत्पश्चात आगे क्या होता है पढ़िए) चढ़ा हुआ मुंह...

Muni Shri Shilgun Vijayji Maharaj Saheb
Apr 11, 20216 min read


घर में किसे आमंत्रण देना है? समृद्धि? सफलता? या स्नेह?
तीन लोग एक गाँव में दाखिल हुए। उन्होंने गाँव में प्रवेश करते ही जो पहला घर आया, उसके आंगन में खड़े होकर आवाज लगायी। सज्जन जैसे दिखने वाले...

Muni Shri Krupashekhar Vijayji Maharaj Saheb
Apr 11, 20212 min read


चल मेरे दोस्त! थोड़ा सा झुक जाते है…
Hello Friends! अरिहंत बनने के बीस कदमों की बात हम कर रहे है। यूं देखे तो अरिहंत बनना बहुत मुश्किल है, और यूं देखे तो अरिहंत बनना बड़ा ही...

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj Saheb
Apr 11, 20213 min read


शिकायत नहीं किन्तु सक्रियता
अनन्त भवों में भटकते हुए एकत्रित की गई पुण्यराशि के प्रभाव से हमें लोकोत्तर जिनशासन की प्राप्ति हुई है। इस अद्भुत जिनशासन की प्राप्ति...

Panyas Shri Dhananjay Vijayji Maharaj Saheb
Apr 11, 20215 min read


आत्मीयता की संवेदना
स्वामित्वाभिमान जिसमें कुछ पाने की वृत्ति है, या पा लेने का गुमान है। मैं आपको पूछता हूँ – संघ की सेवा करके हमें चाहिये क्या? नाम, पद,...

Priyam
Apr 11, 20215 min read


Everything is Online, We are Offline 4.0
गत अंक में हमने इसी मंच से ऐलान किया था कि, आने वाला कल बहुत ही खतरनाक होने जा रहा है, जिसमें हमारा विकास के पीछे का पागलपन जिम्मेदार...

Panyas Shri Nirmohsundar Vijayji Maharaj Saheb
Apr 11, 20215 min read


मैं एकलवीर एकलव्य
द्रोणाचार्य की पाठशाला में अलग-अलग राजकुमारों ने युद्धकला आदि अनेक प्रकार की विद्याएँ प्राप्त की थी। अमुक्त और करमुक्त ऐसे शस्त्रों की...

Aacharya Shri Atmadarshan Suriji Maharaj Saheb
Apr 11, 20215 min read


फर्ज अदा करें वरना कर्ज चढ़ जाएगा।
पिछले लेख के अंतर्गत आखिर में यह प्रश्न किया गया था कि नौकरी करने वालों के लिए नीति और प्रामाणिकता क्या होती है? इसका उत्तर यह है कि उसको...

Aacharya Shri Abhayshekhar Suriji Maharaj Saheb
Apr 11, 20217 min read


कुटीर का दिया
कुटीर के भीतर की दुनिया को उज्ज्वलित करने की हिम्मत जब चाँद सितारों ने ना दिखाई, सूरज का तेज भी जब गुफाओं और खंडहरों में ना पहुँच सका, तब...
Sanjay Bhai Vakhariya
Apr 11, 20212 min read


Temper : A Terror – 8
(मित्र अमरदत्त की स्वप्नसुंदरी रत्नमंजरी के पास पहुंचने के लिए मित्रानन्द ने अक्का के पास से राजमहल का नक्शा लिया और पूरी जानकारी भी ली।...

Muni Shri Shilgun Vijayji Maharaj Saheb
Apr 11, 20215 min read


कुर्सी या खुशी ?
“पप्पा ! मुझे नए कपड़े दिलाओ ना! कल दिवाली है। मेरी सभी सखियाँ दो दिन से नए-नए कपड़े पहनकर घूम रही हैं। मुझे पुराने कपड़े पहनकर जाने में...

Muni Shri Krupashekhar Vijayji Maharaj Saheb
Apr 11, 20213 min read


गोशाला V/s गौतम
Hello Friends! परमात्मा बनने की सफ़र में हम अग्रसर हैं। आज एक बहुत महत्त्वपूर्ण पद पर हम विचार करेंगे। आज का हमारा पद है – ‘श्री विनय पद।’...

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj Saheb
Apr 11, 20213 min read


Blood Group : See Positive
एक गिलास में थोड़ा पानी डालकर गुरु ने दो शिष्यों को बुलाया, और पूछा कि इसमें क्या दिखता है? एक शिष्य ने कहाँ, ‘गुरुजी! यह गिलास आधा खाली...

Panyas Shri Dhananjay Vijayji Maharaj Saheb
Apr 11, 20215 min read


‘मैंने कुछ भी नहीं किया है।’
संघ संवेदना परम पावन श्री भगवतीसूत्र में एक घटना का वर्णन है। चमरेन्द्र के अपराधी सिद्ध होने के कारण सौधर्मेन्द्र ने उन पर वज्र छोड़ा।...

Priyam
Apr 11, 20215 min read


चिकित्सा : रोग से भी भयानक ???
[यह लेख किसी राजेश जी आर्य ने लिखा हुआ है और अंग्रेजी भाषा में डॉ. बिश्वरूप रॉय चौधरी की ऑनलाइन मैग्जीन में छपा है, मगर सांप्रत कालीन...

Panyas Shri Nirmohsundar Vijayji Maharaj Saheb
Apr 11, 202111 min read


प्रभु का आध्यात्मिक जन्म
माता के गर्भ से निष्क्रमण होना जन्म कहलाता है, पर चेतना का शरीर में से निष्क्रमण होना जागरण कहलाता है। जन्म से पूर्व ही जागरण की धारा में...

Panyas Shri Labdhivallabh Vijayji Maharaj Saheb
Apr 11, 20212 min read


मैं कर्ण : सवाया अर्जुन
महाभारत के पात्रों में नेत्रदीपक पात्रों के रूप में विपुल प्रेरणा देने वाले पात्रों के रूप में पहले श्रीकृष्ण आते हैं, तो लगभग उनकी...

Aacharya Shri Atmadarshan Suriji Maharaj Saheb
Apr 11, 20216 min read


जीव बिना सुख के नहीं रह सकता है।
हमने पिछले लेख में देखा था कि कोई भी व्यक्ति, वस्तु या प्रवृत्ति जीव को सुख नहीं दे सकती, ना ही दे रही है, बल्कि जीव का खुद का रस ही खुद...

Aacharya Shri Abhayshekhar Suriji Maharaj Saheb
Apr 11, 20216 min read
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