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The Faithbook Blog


ईश्वर ने विश्व को बनाया है या बताया है ?
सृष्टि के सृजन के विषय में आधुनिक विज्ञान द्वारा प्रस्तुत Big Bang थिअरी आदि के विषय में तर्कसंगत उत्तर से रहित ढ़ेरों प्रश्न बिना सुलझे...

Aacharya Shri Abhayshekhar Suriji Maharaj Saheb
Apr 5, 20247 min read


सायं का भोजन कब करना चाहिए ?
प्राकृतिक चिकित्सालय के अग्रणी श्री लुई कुने ने अपनी पुस्तक ‘आकृति से रोग की पहचान’ में संध्याकालीन भोजन के विषय में विचार प्रगट किए है,...

Gachhadhipati Shri Rajendra Suriji Maharaj Saheb
Apr 3, 20245 min read


अभग्नसेन कथा
अमावस्या की मध्यरात्रि बीत चुकी थी। राजा हस्तिपाल की दानशाला में विराजमान प्रभुवीर ने विपाकसूत्र के पाप विपाक के तीसरे अध्ययन का आरंभ...

Aacharya Shri Mahabodhi Suriji Maharaj Saheb
Apr 25, 202312 min read


गोडीजी का इतिहास – 8
दिव्यध्वनि से ध्वजारोहण वि.सं. 1515 (ई.स. 1459) का वर्ष था। शिखर का कार्य पूर्ण होने को था। अब काजलशा परिवार में कर्ता पुरुष होने के कारण...

Panyas Shri Dhananjay Vijayji Maharaj Saheb
Apr 25, 20236 min read


गोडीजी का इतिहास – 6
काजलशा का काला कलेजा जिनमन्दिर के निर्माण में मात्र पत्थर ही नहीं लग रहे थे, बल्कि मेघाशा के मनोरथ भी लग रहे थे। प्रभु के आगमन से गोड़ी...

Panyas Shri Dhananjay Vijayji Maharaj Saheb
Apr 25, 20235 min read


गोडीजी का इतिहास – 5
पारस प्रभु मेरे… मेघाशा हर्षित हृदय से भूदेशर की सीमा पर पहुँचा। अपनी कर्मभूमि के सामीप्य से उसका मन प्रसन्न हो गया। उसने अपने साले...

Panyas Shri Dhananjay Vijayji Maharaj Saheb
Apr 24, 20236 min read


गोडीजी का इतिहास – 4
मेरे प्रभु पारसनाथ आंगन में कल्पवृक्ष पल्लवित होने पर जितना आनन्द प्राप्त नहीं होता, उतना आनन्द आज मेघाशा के हृदय में था। जब से...

Panyas Shri Dhananjay Vijayji Maharaj Saheb
Apr 24, 20233 min read


Temper : A Terror – 16
इंद्र विमान जैसा रथ राजमहल के प्रांगण में तैयार खड़ा हुआ था। धूमधाम से तैयारी चल रही थी। सद्गुरु के आगमन के समाचार राजा को मिलने के बाद...

Muni Shri Shilgun Vijayji Maharaj Saheb
Apr 20, 20236 min read


Temper : A Terror – 15
(मंत्री मित्रानन्द शव के द्वारा कहे गए वचनों को भूल नहीं सकते थे, इसलिए राजा से मौंन अनुमति लेकर पाटलिपुत्र छोड़कर कहीं और चले गए।...

Muni Shri Shilgun Vijayji Maharaj Saheb
Apr 20, 20235 min read


A Mind Peace is Heaven
एक स्त्री अत्यंत क्रोधी स्वभाव वाली थी। दिन और रात, घर में और बाहर हर जगह गुस्सा करती थी। अपनी सास पर, ससुर पर, पति पर, बच्चों पर, नौकरों...

Muni Shri Krupashekhar Vijayji Maharaj Saheb
Apr 19, 20232 min read


ऐसी दशा हो भगवन्!
एक नौजवान नाविक की नाव में एक श्रीमंत सेठ सफर कर रहे थे। जब नाव बीच मझधार में पहुँची, तो भयंकर तूफान आया। नाव आकाश में हवा में उछलने लगी।...

Muni Shri Krupashekhar Vijayji Maharaj Saheb
Apr 19, 20233 min read


मेरे भ्रम का पोटला।
घर अपने वालम कहो रे, कौण वस्तु नी खोट? यदि आपको अपने घर में सोना ही सोना दिखाई दे, और दुनियाभर में धूल ही धूल दिखाई दे, तब समझ लेना कि अब...

Priyam
Apr 19, 20235 min read


वस्तु की खोट?
लगत पिया कह्यो माहरो रे, अशुभ तुम्हारे चित्त; पण मोथी न रहाय पिया रे, कहा बिना सुण मित्त। …03 प्रिय! मेरी बात तुम्हें अच्छी नहीं लग रही...

Priyam
Apr 19, 20236 min read


‘नमो तित्थस्स’
चलो, आज भगवान बनने का अंतिम कदम भी भर लेते हैं । जिसका नाम है – तीर्थ पद। दो चीजें सबसे महत्त्वपूर्ण होती हैं, एक जो सबसे पहली हो, और...

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj Saheb
Apr 19, 20234 min read


इन्फोर्मेशन न लें, पर ज्ञान लेते रहें।
प्रणाम मित्रों! परमात्मा बनने के 20 Steps की हम बात कर रहे हैं। इस लेख की शुरूआत में आपको जरूर कुछ नया लगा होगा। हर बार ‘Hello Friends’...

Muni Shri Tirthbodhi Vijayji Maharaj Saheb
Apr 19, 20233 min read


हमारे धर्म के नियम बहुत ही सख्त हैं, ऐसा क्यों?
प्रश्न : महाराज साहेब! अनेक प्रश्नों का समाधान हो गया हैं। अब एक नया प्रश्न है कि, दुनिया में सैकड़ों धर्म हैं। हर एक धर्म में कुछ ना कुछ...

Aacharya Shri Abhayshekhar Suriji Maharaj Saheb
Apr 19, 20237 min read


इतने सारे देरासरों की क्या जरूरत है?
चढ़ावे पैसों में ही क्यों लिए जाते हैं? देवद्रव्य का उपयोग अन्य किसी भी कार्य में क्यों नहीं हो सकता? आदि बातें अब बराबर से समझ में आ गईं...

Aacharya Shri Abhayshekhar Suriji Maharaj Saheb
Apr 19, 20237 min read


अहिंसा से रक्षा और हिंसा से युद्ध
मानव जीवन का उद्देश्य तो अनाहारी पद प्राप्त करने का है। परन्तु यह तब तक नहीं हो सकता, जब तक अधिक अहिंसा का पालन हों। सात्त्विक जीवन जीने...

Gachhadhipati Shri Rajendra Suriji Maharaj Saheb
Apr 19, 20235 min read


आहार की श्रेष्ठता
वनस्पति आहार की श्रेष्ठता मनुष्य के लिए मांसाहार की अपेक्षा अधिक प्राकृतिक आहार है। शाकाहार से सहन शक्ति बढ़ती है। आरोग्य की वृद्धि के...

Gachhadhipati Shri Rajendra Suriji Maharaj Saheb
Apr 19, 20234 min read


मोक्षद्वार का उद्धाटन
सुनी सुमता की विनती रे, चिदानंद महाराज। कुमता नेह निवार के प्यारे, लीनो शिवपुर राज॥ सुमता की विनती सुनकर चिदानंद महाराज ने कुमता के प्रति...

Priyam
Apr 18, 20236 min read
From the significance of daily rituals to the profound teachings of Jainism,
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