परमात्मा के शासन की एक कम प्रसिद्ध लेकिन अद्भुत विशेषता है प्रायश्चित्त की व्यवस्था। पापों के प्रायश्चित्त को बताने वाले विशेष (Special) ग्रंथ जिनशासन में उपलब्ध हैं, जो हज़ारों श्लोकों के प्रमाण में हैं। उनमें वर्णित कुछ खास विशेषताओं को संक्षेप में देखते हैं ➡ पाप करने के कारण के आधार पर प्रायश्चित्त का भेद पाप किन कारणों से होता है – यह जिनशासन में विस्तृत रूप से बताया है। मुख्यतः पाँच कारण बताए गए हैं अनाभोग (अज्ञान), सहसात्कार (अचानक हो जाना), प्रमाद (आलस्य, सुखप्रियता आ